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Tuesday, October 24, 2017

लोकतंत्र

लोक तंत्र के कुर्ते के
ऊपर की जेब में 
पड़ा है गांधी का चश्मा
लोकतंत्र के कुर्ते के 
निचले दोनों जेब में पड़ा है
एक तरफ भारत और एक तरफ
पाकिस्तान का नक्शा
लोकतंत्र का कुर्ता
खेतों की मेड़ों सा सिला जा चुका है
लोक तंत्र का कुर्ता
खलियान की तरह गांव से दूर
बसा दिया गया है
लोकतंत्र का कुर्ता
कुएं की जगत पर पानी पी कर
बरम बाबा का भस्म लगाए
बसते जा रहे शहर में
ढूंढ रहा है आदमी
लोक तंत्र के कुर्ता की नाप का
नहीं मिल रहा कोई आदमी।
(अप्रमेय)

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